5 नवम्बर 2008

महाराष्ट्र के शनिदेव बनाम असली शनिदेव

हाराष्ट्र के शनि देव (राज ठाकरे की बात कर रहा हूँ ) हमारे असली शनिदेव से ज्यादा खतरनाक हो गए लगते हैं। बिहारियों, उत्तर भारतीयों पर दृष्टि पड़ी कि वे संकट में पड़े । मामला बहुत कुछ क्षेत्रवाद आदि का नहीं, स्वभाव का है । शनिदेव ने मुझे बहुत सताया है,मैं बहुत डरता हूँ शनिदेव से क्योंकि मैं उनकी मंशा नहीं समझ पाता । बैठे ठाले परेशान करने की आदत है उनकी- बिल्कुल राज ठाकरे की तरह । ये दोनों शनिदेव अपनी सामर्थ्य की स्वीकृति कराने का उद्यम रचते रहते हैं । अब क्या कहें कि अपने तैंतीस करोड़ देवताओं में शनि देव की सोच बिल्कुल एक तानाशाह सनकी देवता की तरह है जो अपनी संप्रभु सत्ता का लोभी है। कुछ अलग नहीं हैं हमारे आधुनिक शनिदेव - आचरण में । हाँ आवरण में हमारे शनि 'राज' शनि देव से बीस ठहरते हैं।
मैं महाराष्ट्र से, मुंबई से डरने लगा था । कारण शनि देव (राज ठाकरे) ही थे ।



ज 'हिन्दुस्तान' अखबार में एक ख़बर पढ़ी । महाराष्ट्र में अहमदनगर जिले में एक गाँव है - शनि शिंगणापुर। इस गाँव में घर में दरवाजे नहीं, दफ्तरों दुकानों में दरवाजे, खिड़कियाँ नहीं; जहाँ दरवाजे हैं वहां ताला नहीं । विचित्र लगता है सुनकर । यहाँ पिछले चार सौ सालों में एक भी चोरी की घटना नहीं हुई। यहाँ झूठ बोलना पाप है।यहाँ कोई किसी का शत्रु नहीं, किसी को किसी बात का भय नहीं। इसका प्रमाण गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में इसका 'विश्व का सबसे न्यारा गाँव' के रूप में दर्ज होना है। इस गाँव पर शनिदेव की कृपा है । यहाँ शनिदेव किसी को चोरी नहीं करने देते, किसी को झूठ नहीं बोलने देते । सच में विश्वास नहीं होता ।
मैं महाराष्ट्र से, शनि शिंगणापुर से प्रेम करने लगा हूँ । कारण शनि देव ही हैं।

पूरी ख़बर यहाँ पढ़ें

5 comments:

ajay kumar jha ने कहा…

himanshu jee,
kamaal hai, ye thakre prakran par ek naya anlge de diya aapne, jaankaree achhe lagee aur andaaj bhee likhte rahein.

बेनामी ने कहा…

SIR aap ne such ko uske wastwik swroop me likha hai

बेनामी ने कहा…

sir aaj hum adhunik yug me jite hue bhi adim yug ke logo ki tarah rahte hai.EROM ABHISHEK (IT)BHU

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा…

लेकिन इस शनि को कोई नहीं कहेगा ... '' ....... तं नमामि शनैश्चरं .... '' !

Xii Net ने कहा…

I usually don’t leave remarks at blogs, but your post inspired me to comment on your blog. Thank you for sharing!

एक टिप्पणी भेजें

निकष रखने वाले हैं आप....सो छिद्रान्वेषण और छुद्र-आलोचना से परे जो कहेंगे सिर आँखों पर। आपकी दुलराती, सहलाती, फटकारती टिप्पणियाँ इस रचनाकार को आत्मस्थ करेंगी। अग्रिम आभार।

 

सच्चा शरणम् Copyright © 2011 -- Template-O Pregador -- Powered by Blogger

Related Posts with Thumbnails