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प्रेम पत्रों का प्रेम पूर्ण काव्यानुवाद: चार

A close-shot of Love-Letters
A Close Shot of Handwritten Love-Letters

आँखों से आँसू बह आया, तेरी याद आ गयी होगी।

घबराना मत यह आँसू ही कल मोती बन कर आयेंगे
विरह ताप में यह आँसू ही मन को शीतल कर जायेंगे,
शायद यह आँसू ही पथ हों महामिलन के महारास का –
इस चिंतन से सच कह दूँ ,पलकों पर बाढ़ आ गयी होगी,
तेरी याद आ गयी होगी।

इस आँसू में ही ईश्वर बन प्रेम बहा करता है
इस आँसू में ही प्रियतम का क्षेम रहा करता है,
जब उर में प्रिय छवि बसती, इन आँखों से आँसू बहते है –
नीर बहें प्रिय हेतु कहें भीतर यह बात आ गयी होगी ,
तेरी याद आ गयी होगी।

5 COMMENTS

  1. इस आँसू में ही ईश्वर बन प्रेम बहा करता है
    इस आँसू में ही प्रियतम का क्षेम रहा करता है,
    जब उर में प्रिय छवि बसती, इन आँखों से आँसू बहते है –
    नीर बहें प्रिय हेतु कहें भीतर यह बात आ गयी होगी ,
    तेरी याद आ गयी होगी ।सुन्दर रचना है।बधाई।

  2. प्रेमपूर्ण अनुवाद है। बधाई। चलिए कुछ मेरी तरफ से भी-

    आँसू बहते जब नयनों से मन पवित्र होता है।
    फिर से मैल हँटे मन का यह बात आ गयी होगी।
    तेरी याद आ गयी होगी।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
    कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
    http://www.manoramsuman.blogspot.com

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