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Ramyantar

Gitanjali by Tagore, Ramyantar, Tagore's Poetry, Translated Works

गीतांजलि का भावानुवाद

मेरे पिताजी कस्बे के इंटर कालेज में अंग्रेजी के प्रवक्ता थे । इस साल रिटायर कर गए। हिन्दी की प्रशंसनीय कवितायें लिखते हैं, उस ज़माने से जिस ज़माने में कविता आस्था और अस्तित्व से जुड़ा करती थी । इसलिए कभी…

Article, Article on Authors, Hindi Literary Figures, Ramyantar, आलेख

मानवीय संवेदना के रचनाकार हजारी प्रसाद द्विवेदी

मानवीय संवेदना के रचनाकार हजारी प्रसाद द्विवेदी ऋग्वेद में वर्णन आया है: ‘शिक्षा पथस्य गातुवित’, मार्ग जानने वाले, मार्ग ढूढ़ने वाले और मार्ग दिखाने वाले- ऐसे तीन प्रकार के लोग होते हैं। साहित्यिकों की गणना इस त्रिविध वर्ग में होती…

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वजह बता रहा हूँ..

कई बार ब्लॉग की जरूरत और गैर जरूरत को लेकर मित्रों से चर्चा हुई। हिन्दी भाषा में ब्लॉग लिखने को लेकर कई शंकाएँ हैं मित्रों के मन में जो मिटती ही नहीं। सबसे बड़ा सवाल उनके मन में मेरे ब्लॉगर…

Contemplation, Ramyantar, चिंतन

पीपे का पुल

अपने बारे में कहने के लिए चलूँ तो यह पीपे का पुल मेरे जेहन में उतर आता है। गंगा बनारस में बड़ी चुहल करती हुई मालूम पड़ती हैं। गंगा लहरों की गति के साथ जीवन की गति संगति बैठाती है…

Love Poems, Poetry, Ramyantar, Verse

तुम बिन बोले (कविता)

बहुत पहले जब अपने को तलाश रहा था एक कविता लिखी थी- कुछ रूमानी- कसक और घबराहट की कविता। शब्द जुटाने आते थे और उस जुटान को मैं कविता कह दिया करता था या कहूं दोस्त कह दिया करते थे।…

Ramyantar

उस भीड़ से इस भीड़ में

क्या कहूँ की कविता ने लुभाया बहुत और लिखने की ताब भी पैदा की, पर लिखने की रौ में मैं यह भूल गया कविता अगर आज की साज़िश का हिस्सा नहीं बनती तो वो कविता नहीं बनती । साहित्य के…