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Songs and Ghazals

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

मेरी समझ नहीं कि ये कमाल कर सकूँ

हर शख्स अपने साथ मैं खुशहाल कर सकूँ मेरी समझ नहीं कि ये कमाल कर सकूँ। फैली हैं अब समाज में अनगिन बुराइयाँ है लालसा कि बद को मैं बेहाल कर सकूँ। फेकूँ निकाल हिय के अन्धकार द्वेष को कटुता…

Love Poems, Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

ओ प्रतिमा अनजानी

ओ प्रतिमा अनजानी, दिल की सतत कहानी कहता हूँ निज बात सुहानी, सुन लो ना। डूबा रहता था केवल जीवन की बोध कथाओं में अब खोया हूँ मैं रूप-सरस की अनगिन विरह-व्यथाओं में सत्य अकल्पित-मधुरित-सुरभित, अन्तरतम में हर पल गुंजित…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

स्नेहिल मिलन की सीख दे दो

फ़ैली हुई विश्वंजली में, प्रेम की बस भीख दे दो विरह बोझिल अंत को स्नेहिल मिलन की सीख दे दो। चिर बंधनों को छोड़ कर क्यों जा रही है अंशु अब अपनी विकट विरहाग्नि क्यों कहने लगा है हिमांशु अब…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

परिवर्तन आने वाला है

बज गयी दुन्दुभि, परिवर्तन आने वाला है। है निस्सीम अगाध अकल्पित, समय शून्य का यह विस्तार प्रिय देखो वह चपल विहंगम चला जा रहा पंख पसार ‘काल अमर है’ का संकीर्तन यही विहग गाने वाला है। वह देखो गिर रहे…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

मैं, मैं अब नहीं रहा

मैं, मैं अब नहीं रहा, तुम ही तो हूँ। बहुत भटकता रहा खोजता अपने हृदय चिरंतन तुमको जो हर क्षण आछन्न रहे ओ साँसों के चिर बंधन तुमको, मैं जाग्रत अब नहीं रहा, गुम ही तो हूँ। मैं, मैं अब…

Love Poems, Poetic Adaptation, Ramyantar, Songs and Ghazals

तुम ही पास नहीं हो तो..

Jyoti (Photo credit: soul-nectar) तुम ही पास नहीं हो तो इस जीवन का होना क्या है? मेरे मन ने खूब सजाये दीप तुम्हारी प्रेम-ज्योति के हुआ प्रकाशित कण-कण अन्तर गूंजे गान स्नेह प्रीति के पर जो यथार्थ थे, स्वप्न हुए,…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

माँ तुम गंगाजल होती हो

अभी-अभी पूजा उपाध्याय जी के ब्लॉग से लौट रहा हूँ। एक कविता पढ़ी- माँ के लिए लिखी गयी। मन सम्मोहित हो गया। पूजा जी की कविता से जेहन में एक कविता की स्मृति तैर गयी। छुटपन में बाबूजी ने पढ़ने…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

मेरे साथी सलोने!

कहाँ भूल गया जीवन का राग, मेरे साथी सलोने । क्यों रूठ गया अपना यह भाग, मेरे साथी सलोने। कैसे जतन से ये जीवन सजाया पड़ गयी उस पर भी बैरन की छाया मेरा सूख गया लहराता फाग, मेरे साथी…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

उत्तर अपना औरों से पूछा

प्रश्न स्वयं का उत्तर अपना औरों से पूछा, अपने मधु का स्वाद लुटेरे भौरों से पूछा। जाना जहाँ जहाँ से आया याद नहीं वह घर, माटी का ही रहा घरौंदा रचता जीवन भर- भोज-रसास्वादन कूकर के कौरों से पूछा। मूर्च्छा…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

मुंह की कालिख को पोंछ उंगली से गाल का तिल बना दिया तुमने

क्या करिश्मा है इस बुझे दिल को, कितना खुशदिल बना दिया तुमने अब तो मुश्किल को भी मुश्किल कहना, बहुत मुश्किल बना दिया तुमने। पाँव इस दर पै आ ठिठक जाते, हाँथ उठते भी तो सलीके से आँख नम, क्या…