मानवीय संवेदना के रचनाकार हजारी प्रसाद द्विवेदी ऋग्वेद में वर्णन आया है: ‘शिक्षा पथस्य गातुवित’, मार्ग जानने वाले, मार्ग ढूढ़ने वाले और मार्ग दिखाने वाले- ऐसे तीन प्रकार के लोग होते हैं। साहित्यिकों की गणना इस त्रिविध वर्ग में होती…