2 Comments 13 जो कर रहा है यहाँ पुरुष (कविता) By Himanshu Pandey October 21, 2008 राजकीय कन्या महाविद्यालय के ठीक सामनेसंघर्ष अपनी चरमावस्था में है,विद्रूप शब्दों से विभूषित जिह्वा सत्वर श्रम को…