Songs and Ghazals

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ग़ज़ल – चाँदनी या मुख़्तसर सी धूप लाना

By Himanshu Pandey

नज़र में भरकर नज़र कुछ सिमट जाना, भूलना मत।देखना होकर मगन फिर चौंक जाना, भूलना मत। मौज़ खोकर ज़िन्दगी ग़र…

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मैं सहजता की सुरीली बाँसुरी हूँ…

By Himanshu Pandey

मैं सहजता की सुरीली बाँसुरी हूँ घनी दुश्वारियाँ हमको बजा लें । मैं अनोखी टीस हूँ अनुभूति की कहो पाषाण…

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