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माँ की गोद ही चैत्र नवरात्रि है

By Himanshu Pandey

“एक ज्योति सौं जरैं प्रकासैंकोटि दिया लख बाती।जिनके हिया नेह बिनु सूखेतिनकी सुलगैं छाती।बुद्धि को सुअना मरमु न जानैकथै प्रीति…

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