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Arattai – संदेश और संवाद माध्यमों का स्वदेशी संस्करण

By Himanshu Pandey

आत्मनिर्भर भारत के गुंजित स्वर में प्रधानमंत्री के स्वदेशी अपनाने के आह्वान का ऐसा असर हुआ कि भारतीय ऐप Arattai…

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आशीष त्रिपाठी का काव्य संग्रह शान्ति पर्व

By Himanshu Pandey

शान्ति पर्व पढ़ गया। किसी पुस्तक को पढ़ कर चुपचाप मन ही मन संवाद की आदत है। पहली बार यह…

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गुरु गोरखनाथ की बानी – मेरा गुरु तीन छंद गावै

By Himanshu Pandey

महान संत, योगी एवं नाथ संप्रदाय के संस्थापक गुरु गोरखनाथ की गोरखबानी में गुरु की महिमा एवं गुरु-शिष्य के संबंधों…

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या निरंकुशता

By Himanshu Pandey

अभिव्यक्ति, मनुष्य का नैसर्गिक गुण, जिससे हमारे विचार, हमारी भावनायें और हमारे अनुभव प्रकट होते हैं। कला, संगीत, साहित्य एवं…

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ब्रश करती तुम्हारी अंगुलियाँ (कविता)

By Himanshu Pandey

कितना सुंदर हैब्रश करती तुम्हारी अंगुलियों का कांपनाकभी सीधे,कभी ऊपर-नीचेकभी धीमी कभी तेज गति सेजैसे थिरकता है मुसाफिरकिसी पहाड़ी राह…

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