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काश! मेरा मन (कविता)

By Himanshu Pandey

काश! मेरा मनसरकंडे की कलम-सा होताजिसे छील-छाल कर,बना करभावना की स्याही में डुबाकरमैं लिखताकुछ चिकने अक्षरमोतियों-से,प्रेम के। अतिरिक्त कविता लिंक:…

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रचना का स्वान्तःसुख, सर्वान्तःसुख भी है

By Himanshu Pandey

बिना किसी बौद्धिक शास्त्रार्थ के प्रयोजन से लिखता हूँ अतः ‘हारे को हरिनाम’ की तरह हवा में मुक्का चला लेता…

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मैं मच्छरदानी नहीं लगाता तो इसका मतलब है …

By Himanshu Pandey

Mosquito net (Photo credit: quinet) मच्छरदानी लगाना मेरे कस्बे में सुरक्षित व सभ्य होने की निशानी है । मैं मच्छरदानी…

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