केवट प्रसंग रामायण के अत्यन्त सुन्दर प्रसंगों में से एक है, खूब लुभाता है मुझे। करुण प्रसंगों…
अम्मा सोहर की पंक्तियाँ गुनगुना रही हैं – “छापक पेड़ छिउलिया कि पतवन गहवर हो…”। मन टहल…
ढोलक की चिर-परिचित टुनटुनाहट के साथ इस वर्ष भी मलहवा बाबा और गंगा पार-उतराई का लोकगीत मेरे…