Poems of Himanshu

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हिमांशु पाण्डेय द्वारा स्वरचित कविताएं इस श्रेणी में वर्गीकृत हैं। यह कविताएं छंदबद्ध, गीतात्मक भी हैं एवं छंदमुक्त भी हैं।

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बहुत दूर नहीं, बहुत पास

By Himanshu Pandey

(१) बहुत दूर नहींबहुत पास..कहकर तुमने बहका दियामैं बहक गया। (२)एक,दो,तीन…नहींशून्य मूल्य-सत्य हैकहाफिर अंक छीन लिएमैं शून्य होकर विरम गया।…

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अब तुम कहाँ हो मेरे वृक्ष ?

By Himanshu Pandey

छत पर झुक आयी तुम्हारी डालियों के बीच देखता कितने स्वप्न कितनी कोमल कल्पनाएँ तुम्हारे वातायनों से मुझ पर आकृष्ट…

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