Poems of Himanshu

101   Articles in this Category

हिमांशु पाण्डेय द्वारा स्वरचित कविताएं इस श्रेणी में वर्गीकृत हैं। यह कविताएं छंदबद्ध, गीतात्मक भी हैं एवं छंदमुक्त भी हैं।

Explore
12

एक आदमी, एक गुरु- हाँ, हाँ, ना,ना

By Himanshu Pandey

मैंने तुम्हें औरतों से बतियाते कभीं नहीं देखाऔर न ही मर्दों से ऐसा सुना- ‘किसी औरत नेबड़ी अदब से तुम्हारा…

20

क्यों? (कविता)

By Himanshu Pandey

क्यों?खो गए हो विकल्प में,चर्चित स्वल्प मेंविस्मृत सुमधुर अतीतक्यों लेकर चलते होबेगाना गीतस्वर्ग की ईच्छा क्योंछोड़ दी तुमनेआख़िर अनसुलझी, अस्तित्वविहीनअनगिनत…

Exit mobile version