उड़ चली है आत्मा परमात्मा के पास
सच में ‘मैना’ ही नाम था उसका। मेरे पास अब केवल यादें शेष रह गयी हैं उसकी। छः बरस पहले…
कविता श्रेणी के अन्तर्गत छंदबद्ध एवं छंदमुक्त कविताएँ संकलित की गई हैं। साथ ही ग़ज़लें, गीत, हाइकु, दोहे इत्यादि भी इसी श्रेणी में उपश्रेणियाँ बनाकर प्रकाशित की गई हैं। छंदबद्ध कविताओं के अन्तर्गत सुभाषित, भजन, क्रियात्मक गीत एवं संवाद गीत संकलित हैं तथा छंदमुक्त कविताओं के अन्तर्गत मुक्त छंद की कविताएँ, हाइकु एवं लघु कविताएँ संकलित हैं।

सच में ‘मैना’ ही नाम था उसका। मेरे पास अब केवल यादें शेष रह गयी हैं उसकी। छः बरस पहले…
मुझमें जो आनंद विरल है वह तुमसे ही निःसृत था और तुम्हीं में जाकर खोया । घूमा करता हूँ हर…
उसने नेह-स्वांग रच कर अपने सामीप्य का निमंत्रण दिया नेह सामीप्य के क्षणों में झूठा न रह सका अपने खोल…
प्रेम पत्रों का प्रेम पूर्ण काव्यानुवाद: दो प्रिय! तुमने लिखा आँख भर आयी, मैंने अपने दिन खोये और रात गंवाई…
काश! मेरा मनसरकंडे की कलम-सा होताजिसे छील-छाल कर,बना करभावना की स्याही में डुबाकरमैं लिखताकुछ चिकने अक्षरमोतियों-से,प्रेम के। अतिरिक्त कविता लिंक:…
A Close Capture of Hand-written Love-Letters स्नातक कक्षा में पढ़ते हुए कई किस्म के प्रेम पत्र पढ़े। केवल अपने ही…