प्रार्थना मैं कर रहा हूं
प्रार्थना मैं कर रहा हूं गीत वह अव्यक्त-सा अनुभूतियों में घुल-मिले। हंसी के भीतर छुपा बेकल रुंआसापन और सम्पुट में…
प्रार्थना मैं कर रहा हूं गीत वह अव्यक्त-सा अनुभूतियों में घुल-मिले। हंसी के भीतर छुपा बेकल रुंआसापन और सम्पुट में…
हिन्दी साहित्य की अबाध धारा निरन्तर प्रवाहित हो रही है और उसकी श्री वृद्धि निरन्तर दृष्टिगत हो रही है। हिन्दी…
तुमने अपने हृदय में जो अनन्त वेदनासमो ली हैऔर उस वेदना को हीअपनी अमूल्य सम्पत्ति समझउसे पोषित करते होवस्तुतःउसी से…
वह तुम्हारामुक्त हृदय थाजिसने मुझे प्यार काविश्वास दिया,मैं तुम्हें प्यार करने लगा। मैं तुम्हें प्यार करता थाअपनी समस्त जड़ता सेऊपर…
काशी की मस्ती, भोजपुरी का अनुपम सौन्दर्य और होली का उत्सव आनंद – इन सबको इकट्ठा अनुभव कराती है कवि…
बनारस के प्रकाशन-संस्थानों में हिन्दी प्रचारक संस्थान एवं इसके प्रकाशक-निदेशक श्री कृष्णचन्द्र बेरी का एक विशेष महत्व है। महत्व मेरी…