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रवीश कुमार के ‘क़स्बा’ की चर्चा: क़स्बा की प्रविष्टियों का सन्दर्भ

By Himanshu Pandey

मैं रवीश कुमार के कस्बे (क़स्बा- रवीश कुमार का ब्लॉग) का ज़िक्र करना चाहता हूँ। यह कस्बा भी मेरे कस्बे…

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जो कर रहा है यहाँ पुरुष (कविता)

By Himanshu Pandey

राजकीय कन्या महाविद्यालय के ठीक सामनेसंघर्ष अपनी चरमावस्था में है,विद्रूप शब्दों से विभूषित जिह्वा सत्वर श्रम को तत्पर है,कमर की…

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अखिल शान्ति है तुम्हारा ध्यान

By Himanshu Pandey

प्रेम में केवल दो अस्तित्व नहीं मिलते, बल्कि स्वयं से साक्षात्कार और रूपांतरण की एक आध्यात्मिक यात्रा भी प्रारंभ होती…

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