Ramyantar

127   Articles in this Category
Explore
14

जहाँ रुका है मन आँखें भी रुक रह जातीं

By Himanshu Pandey

आँखें अपरिसीम हैं, संसृति का आधार है बिना दृष्टि का सृष्टि निवासी निराधार। ऑंखें बोती हैं देह-भूमि पर प्रेम-बीज इन…

Exit mobile version