Tag

न्याय

Ramyantar

तुम नहीं हो, पर यह ’नहीं’ ’नास्ति’ नहीं है..

“वहाँ उपेक्षा कायरता है जहाँ उचित प्रतिकार क्रोध ले न प्रतिशोध तो न हो सीता का उद्धार।” Photo1:Daniel Berehulak;Source:The Atlantic इतिहास के व्योम विस्तार में अनगिन घटनायें उल्कापिण्ड की तरह गिरती उतरती विलीन होती रहती हैं और समय चक्र उसे…

Ramyantar

कह दिया मैंने ..

मेरी अपनी एक ज़िद है रहने की, कहने की  और उस ज़िद का एक फलसफ़ा । यूँ तो दर्पण टूट ही जाता है पर आकृति तो नहीं टूटती न ! उसने मेज पर बैठी मक्खी को मार डाला कलम की…