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Literary Classics

English Literary Figures, English Poets, Literary Classics, Poetry, Ramyantar, Translated Works

सुबह की प्रार्थना : निस्सीम ईजीकेल

जितना मेरा अध्ययन है उसमें भारतीय अंग्रेजी लेखकों में निस्सीम ईजीकेल का लेखन मुझे अत्यधिक प्रिय है। ईजीकेल स्वातंत्र्योत्तर भारतीय अंग्रेजी कविता के पिता के रूप में प्रतिष्ठित हैं। आधुनिक भारतीय अंग्रेजी काव्य में विशिष्ट स्थान प्राप्त ईजीकेल सहज कविता,…

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माँ भी कुछ नहीं जानती

“बतलाओ माँ, बालमणि अम्मा मलयालम कविता की शीर्ष कवयित्री । प्रख्यात भारतीय अंग्रेजी साहित्यकार ’कमला दास’ की माँ । जन्म : १९ जुलाई १९०९, मृत्यु : २९ सितम्बर २००४ ’सरस्वती सम्मान’ सहित अनेक सम्मान/पुरस्कारों से सम्मानित । कवितायें दार्शनिक विचारों…

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मुझे प्रेम करने दो केवल मुझे प्रेम करने दो ..

जॉन डन (John Donne) की कविता ’द कैनोनाइजेशन’ (The Canonization) का भावानुवाद परमेश्वर के लिये मौन अपनी रसना रहने दो मुझे प्रेम करने दो केवल मुझे प्रेम करने दो । लकवा गठिया-सी मेरी गति को चाहे धिक्कारो या मेरा खल्वाट…

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पराजितों का उत्सव : एक आदिम सन्दर्भ -२

पिछली प्रविष्टि से आगे …. ना ! क़तई नहीं । आदमी कभी जुदा-जुदा नहीं होते । आदमी सब एक जैसे होते हैं – एक ही होते हैं, पूर्ण-सम्पूर्णतः — अन्दर के अन्दर, के अन्दर, के अन्दर तक, बाहर से अन्दर…

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पराजितों का उत्सव : एक आदिम सन्दर्भ (पानू खोलिया)-१

अपने नाटक ’करुणावतार बुद्ध’ की अगली कड़ी जानबूझ कर प्रस्तुत नहीं कर रहा । कारण, ब्लॉग-जगत का मौलिक गुण जो किसी भी इतनी दीर्घ प्रविष्टि को निरन्तर पढ़ने का अभ्यस्त नहीं । पहले इस नाटक को एक निश्चित स्थान पर…

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मुक्तिबोध की हर कविता एक आईना है ..

आज ’मुक्तिबोध’ का जन्मदिवस है, एक अप्रतिम सर्जक का जन्मदिवस । याद करने की बहुत-सी जरूरतें हैं इस कवि को । मुक्तिबोध प्रश्नों की धुंध में छिपे उत्तरों की तलाश करते हैं-चोट पर चोट खाकर, आघात पर आघात सहकर ।…

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के० शिवराम कारंत : ’मूकज्जी’ का मुखर सर्जक

           ’के० शिवराम कारंत’ – भारतीय भाषा साहित्य का एक उल्लेखनीय नाम, कन्नड़ साहित्य की समर्थ साहित्यिक विभूति, बहुआयामी रचना-कर्म के उदाहरण-पुरुष !  सर्जना में सत्य और सौन्दर्य के प्रबल जिज्ञासु कारंत जीवन को सम्पूर्णता और यथार्थता में निरखने की…

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समय और शब्द के कवि सीताकान्त महापात्र

यथार्थ और अनुभूति के विरल सम्मिश्रण से निर्मित कविता के कवि डॉ० सीताकांत महापात्र का जन्मदिवस है आज  । हिन्दी जगत में भली भाँति परिचित अन्य भाषाओं के कवियों में उड़िया के इस महत्वपूर्ण हस्ताक्षर का स्थान अप्रतिम है ।…

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“मगर सूर्य को क्यूं लपेटा” ?

अपनी पिछली प्रविष्टि (हे सूर्य : कविता – कामाक्षीप्रसाद चट्टोपाध्याय) पर अरविन्द जी की टिप्पणी पढ़कर वैसे तो ठहर गया था, पर बाद में मन ने कहा कि कुछ बातें इस प्रविष्टि के संदर्भ करना जरूरी है, क्योंकि लगभग यही…

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मास्ति वेंकटेश अय्यंगार : Masti Venkatesh Iyengar

गहन मानवतावाद के पोषक और मानव मात्र में अटूट आस्था रखने वाले कन्नड़ के प्रख्यात साहित्यकार डॉ० मास्ति वेंकटेश अय्यंगार ने कन्नड़ कहानी को उल्लेखनीय प्रतिष्ठा दी । सृजनात्मकता की असीम संभावनाओं से लबरेज ’मास्ति’ (मास्ति का साहित्यिक नाम श्रीनिवास…