अम्मा गा रही हैं – “छापक पेड़ छिउलिया कि पतवन गहवर हो…” । मन टहल रहा है अम्मा की स्वर-छाँह में । अनेकों बार अम्मा को गाते सुना है, कई बार अटका हूँ, भटका हूँ स्वर-वीथियों में । कितनों को…