तुम्हें याद है… तुमने मुझे एक घड़ी दी थी- कुहुकने वाली घड़ी। मेरे हाँथों में देकर मुस्कुराकर कहा था, “इससे वक्त का पता चलता है। यह तुम्हें मेरी याद दिलायेगी। हर शाम चार बजे कुहुक उठेगी। आज भी….चार ही न…