मधुशाला व बच्चन पर फतवे की आंच अभी धीमी नहीं पड़ी होगी। हरिवंश राय बच्चन होते तो ऐसे फतवों के लिए कह डालते- “मैं देख चुका जा मस्जिद में झुक-झुक मोमिन पढ़ते नमाज,पर अपनी इस मधुशाला में पीता दीवानों का…