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नमन् अनिर्वच ! ( गांधी जयंती पर विशेष )

By Himanshu Pandey

पूर्व और पश्चिम की संधि पर खड़े युगपुरुष ! तुम सदैव भविष्योन्मुख हो, मनुष्यत्व की सार्थकता के प्रतीक पुरुष हो,…

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अति प्रिय तुम हमसे अनन्य हो गये..

By Himanshu Pandey

चारुहासिनी (मेरी भतीजी) की जिद है, इसलिये ये स्वागत-गीत यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ । उसके स्कूल में इस स्वतंत्रता…

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