रख दूंगा तुम्हारे सम्मुख आकाश, धरती, सूरज और प्रवाह (Video)

By Himanshu Pandey

इसी  ब्लॉग पर पहले से प्रकाशित रचनाओं के वीडियो बनाने प्रारम्भ किए हैं मैंने। शुरुआत में कुछ कवितायें ही अपलोड…

आशा (कविता)

By Himanshu Pandey

सुहृद!मत देखो-मेरी शिथिल मंद गति,खारा पानी आँखों का मेरे,देखो-अन्तर प्रवहितउद्दाम सिन्धु की धारऔर हिय-गह्वर कामधु प्यार। मीत!मत उलझो-यह जो उर…

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