Tag

मिथक

General Articles, भोजपुरी, लोक साहित्य

तेहिं तर ठाढ़ि हिरनियाँ : सोहर

लोकगीत एवं सोहर

अम्मा सोहर की पंक्तियाँ गुनगुना रही हैं – “छापक पेड़ छिउलिया कि पतवन गहवर हो…”। मन टहल रहा है अम्मा की स्वर-छाँह में। अनेकों बार अम्मा को गाते सुना है, कई बार अटका हूँ, भटका हूँ स्वर-वीथियों में। कितनों को…

Stories

आत्मा की अमरता : एक अफ्रीकी मिथक कथा

सारिका पत्रिका के 15 अक्टूबर के अंक में प्रकाशित एक अफ्रीकी मिथक कथा ने आकृष्ट किया। आत्मा की अमरता के रहस्य को बताती यह अफ्रीकी लोक कथा मूल पाठ के साथ प्रस्तुत है। मूल पाठ: हिन्दी- सारिका पत्रिका (मिथक कथा…