वहाँ देखो, एक पेंड़ है जगमगाता हुआ उसकी शाखो में चिराग फूलते हैं, मदहोश कर देने वाली गंध-सी रोशनी फैलती है चारों ओर, आइने-से हैं उसके तने जिनमें सच्चापन निरखता है हर शख़्स और अशआर की तरह हैं उसकी पत्तियाँ…