वहाँ देखो,
एक पेंड़ है जगमगाता हुआ
उसकी शाखो में चिराग फूलते हैं,
मदहोश कर देने वाली गंध-सी रोशनी
फैलती है चारों ओर,
आइने-से हैं उसके तने
जिनमें सच्चापन निरखता है हर शख़्स
और अशआर की तरह हैं उसकी पत्तियाँ
काँपती हुई।

मुझे देखो,
मेरे दिल की इबारत, इशारत, अदा देखो!
उस जगमगाते पेंड़ का बीज
इस दिल में ही पैवस्त है।

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Last Update: June 20, 2026