हिन्दी ब्लॉग लेखन के कई अंतर्विरोधों में एक है सोद्देश्य, अर्थयुक्त एवं सार्वजनीन बन जाने की योग्यता रखने वाली प्रविष्टियों, और आत्ममुग्ध, किंचित निरुद्देश्य, छद्म प्रशंसा अपेक्षिता प्रविष्टियों का सह-अस्तित्व। सोद्देश्य, गहरी अर्थवत्ता के साथ लिखने वाला ब्लोगर अपनी समस्त…