बड़ी घनी तिमिरावृत रजनी है। शिशिर की शीतलता ने उसे अतिरिक्त सौम्यता दी है। सबकी पलकों को अपरिमित विश्रांति से भरी हथेलियां सहलाने लगीं हैं। नयन-गोलकों के नन्हें नादान शिशु पलकों की थपकी से झंपकी लेने लगे हैं। अब काम…