कल के अखबार पढ़े, आज के भी। पंक्तियाँ जो मन में कौंधती रहीं- “अब जंग टालने की कवायद शुरू”। “सीमा पर फौजों का जमावड़ा नहीं”। “गिलानी बोले-कोई भी नही चाहता जंग”। “पाकिस्तान को मिली संजीवनी।” “भारत की गैस पर पाक…