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Varanasi

Poetry, Ramyantar

बनारस की होली बनारस की बोली में

अब का पूछ्त हउआ हमसे कि होली का होला। कइसे तोंहके हाल बताई कवन तरीके से समझाई कइसन बखत रहल हऽ ऊ भी कवने भाषा में बतलाई, उछरत रहल बांस भर मनवां जमत रहल जब गोला। छैल चिकनियां छटकत रहलन…

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बनारस के प्रकाशन पुरुष: कृष्णचन्द्र बेरी

बनारस के प्रकाशन-संस्थानों में ‘हिन्दी प्रचारक संस्थान‘ का एक विशेष महत्व है। महत्व मेरी दृष्टि में इसलिये है कि इस संस्थान ने मेरी पठन-रुचि को तुष्ट करने में बड़ी भूमिका निभायी है। मेरे जैसे सामान्य आर्थिक पृष्ठ्भूमि के अध्येता और…