आओ चलो, दीप रखते हैं कविता जीवन के हर उस कोने को प्रकाशित करने का आह्वान है…
Poems of Himanshu
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हिमांशु पाण्डेय द्वारा स्वरचित कविताएं इस श्रेणी में वर्गीकृत हैं। यह कविताएं छंदबद्ध, गीतात्मक भी हैं एवं छंदमुक्त भी हैं।
कितना सुंदर हैब्रश करती तुम्हारी अंगुलियों का कांपनाकभी सीधे,कभी ऊपर-नीचेकभी धीमी कभी तेज गति सेजैसे थिरकता है…
जग चाहे किसी महल में अपने वैभव पर इतराएया फिर कोई स्वयं सिद्ध बन अपनी अपनी गाएमौन…
सुहृद!मत देखो-मेरी शिथिल मंद गति,खारा पानी आँखों का मेरे,देखो-अन्तर प्रवहितउद्दाम सिन्धु की धारऔर हिय-गह्वर कामधु प्यार। मीत!मत…
विलस रहा भर व्योमसोममन तड़प रहायह देख चांदनीविरह अश्रु छुप जाँय, छुपानाबादल तुम आना ।। 1 ।।…
[एक.] सलीका आ भी जाता सिसक उठता झाड़ कर धूल पन्नों की पढ़ता कुछ शब्द सुभाषित ढूंढ़ता…
