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Poems of Himanshu

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हिमांशु पाण्डेय द्वारा स्वरचित कविताएं इस श्रेणी में वर्गीकृत हैं। यह कविताएं छंदबद्ध, गीतात्मक भी हैं एवं छंदमुक्त भी हैं।

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कितना सुंदर हैब्रश करती तुम्हारी अंगुलियों का कांपनाकभी सीधे,कभी ऊपर-नीचेकभी धीमी कभी तेज गति सेजैसे थिरकता है…

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जग चाहे किसी महल में अपने वैभव पर इतराएया फिर कोई स्वयं सिद्ध बन अपनी अपनी गाएमौन…