“एक ज्योति सौं जरैं प्रकासैंकोटि दिया लख बाती।जिनके हिया नेह बिनु सूखेतिनकी सुलगैं छाती।बुद्धि को सुअना मरमु…
वसंत का चरण न्यास हुआ है। गज़ब है। आया तो आ ही गया। “फूली सरसों ने दिया…
वसंत प्रकृति का एक अनोखा उपहार है। आधी फरवरी से आधे अप्रैल तक का समय वसंत का…
साढ़े छः बजे हैं अभी। नींद खुल गयी है पूरी तरह। पास की बन्द खिड़की की दरारों…
