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May 2010

Audio, भोजपुरी, लोक साहित्य, शैलबाला शतक

शैलबाला शतक: भोजपुरी स्तुति काव्य (एक)

शैलबाला शतक

जीवन में ऐसे क्षण अपनी आवृत्ति करने में नहीं चूकते जब जीवन का केन्द्रापसारी बल केन्द्राभिगामी होने लगता है। मेरे बाबूजी की ज़िन्दगी की उसी बेला की उपज है शैलबाला शतक! अनेकों झंझावातों में उलझी हुई जीवन की गति को…

Ramyantar, भोजपुरी

अर्चना जी ने गाया : सखिया आवा उड़ि चलीं…

मेरी इस प्रविष्टि में मैंने और चारुहासिनी ने एक गीत ’सखिया आवा उडि़ चलीं..’ गाया था ! मेरे और चारुहासिनी द्वारा गाए युगल गीत को अर्चना जी ने अपनी आवाज दी है प्रस्तुत प्रविष्टि में ! गीत उन्हें अच्छा लगा,…