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Article | आलेख

सच्चा शरणम् ब्लॉग पर प्रकाशित सभी आलेख Article | आलेख श्रेणी के अन्तर्गत वर्गीकृत हैं। विभिन्न विषयों पर आधारित आलेख, रचनाकारों के परिचय एवं अवदान पर आधारित आलेख, रचनाओं की समीक्षा, ब्लॉग एवं ब्लॉगरी पर आधारित आलेख इत्यादि इस श्रेणी के अन्तर्गत उपश्रेणियों में वर्गीकृत हैं।

General Articles

मेरे समय की पहचान या सफल होने के नुस्खे

मैंने अपने समय को पहचानने की कोशिश की। मुझे लगा समय समाज को अतिक्रमित नहीं करता- उसे व्यक्त करता है। मेरे अस्तित्व ने मेरे व्यक्तित्व को अनगिन मौकों पर इस समय और समाज से लड़ते देखा है। मैंने अपनी इस…

Article | आलेख

महाराष्ट्र के शनिदेव बनाम असली शनिदेव

महाराष्ट्र के शनिदेव (राज ठाकरे-Raj Thackeray की बात कर रहा हूँ) हमारे असली शनिदेव से ज्यादा खतरनाक हो गए लगते हैं। बिहारियों, उत्तर भारतीयों पर दृष्टि पड़ी कि वे संकट में पड़े। मामला बहुत कुछ क्षेत्रवाद आदि का नहीं, स्वभाव…

Article | आलेख

I am a ghost-मैं भूत हूँ

I am a ghost. मैं भूत हूँ, ऐसा कहकर अब किसी को डराया नहीं जा सकता। भूत कल्पना का सत्य है । यथार्थ का सत्य ‘भूत’ नहीं ‘भभूत’ है। ‘भभूत’ कई बार भूत को भगाने का उपक्रम करती हुई मालूम…

Blog & Blogger, Hindi Blogging

कुछ कहने का मन करता है (रवीश कुमार के ‘क़स्बा’ की चर्चा :’क़स्बा की प्रविष्टियों का सन्दर्भ )

A Screenshot of Qasba मैं ठीक अपने कस्बे की तरह एक कस्बे (क़स्बा -रवीश कुमार का ब्लॉग) का जिक्र करना चाहता हूँ जो मेरे कस्बे की तरह रोज तड़के चाय की भट्ठियों के धुँए के बीच आँखे मुँचमुँचाता, सजग होता-सा…

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नामवर सिंह को समझते हुए

बताना जरूरी है कि नामवर सिंह के व्यक्तित्व-कृतित्व की ऊँचाई मुझ जैसे अल्पज्ञानी से काफी अधिक बैठती है। काफी तैयारी से लिख कर बोला था, वही लिख रहा हूँ -इस आशा से कि यदि पढ़ें इसे आप तो मुझे संज्ञान…

Article | आलेख, General Articles

Sushil Tripathi-सुशील त्रिपाठी व कैमूर की पहाड़ियाँ

सुशील त्रिपाठी को मैं उनकी लिखावट से जानता हूँ । एक बार बनारस में देखा था -पराड़कर भवन में । वह आदमी एक जैसा है- मेरी उन दिनों की स्मृति एवं इन दिनों की श्रद्धांजलि के चित्रों में। चुपचाप उनके…

Article | आलेख

संजरपुर या ‘संज्वरपुर’

मैं कौन हूँ ? क्या मुझे संजरपुर का नाम नहीं पता ? आजमगढ़ का एक गाँव जो गलियारे से शयनकक्ष तक अपनी मुचमुचाती हुई अनिद्रित आंखों के साथ लगातार उपस्थित है, शायद वही संजरपुर है। स्वीकृति और अस्वीकृति के मध्य…

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मानवीय संवेदना के रचनाकार हजारी प्रसाद द्विवेदी

मानवीय संवेदना के रचनाकार हजारी प्रसाद द्विवेदी ऋग्वेद में वर्णन आया है: ‘शिक्षा पथस्य गातुवित’, मार्ग जानने वाले, मार्ग ढूढ़ने वाले और मार्ग दिखाने वाले- ऐसे तीन प्रकार के लोग होते हैं। साहित्यिकों की गणना इस त्रिविध वर्ग में होती…

Article | आलेख, Hindi Blogging

वजह बता रहा हूँ..

कई बार ब्लॉग की जरूरत और गैर जरूरत को लेकर मित्रों से चर्चा हुई। हिन्दी भाषा में ब्लॉग लिखने को लेकर कई शंकाएँ हैं मित्रों के मन में जो मिटती ही नहीं। सबसे बड़ा सवाल उनके मन में मेरे ब्लॉगर…