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आधुनिक मनुष्य कौन? (आलेख) – 2

[डॉ० कार्ल गुस्ताव युंग (Carl Gustav Jung) का यह आलेख मूल रूप में तो पढ़ने का अवसर नहीं मिला, पर लगभग पचास साल पहले ’भारती’ (भवन की पत्रिका) में इस आलेख का हिन्दी रूपांतर प्रकाशित हुआ था, जिसे अपने पिताजी की…

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आधुनिक मनुष्य कौन? (आलेख)

[डॉ० कार्ल गुस्ताव युंग (Carl Gustav Jung) का यह आलेख मूल रूप में तो पढ़ने का अवसर नहीं मिला, पर लगभग पचास साल पहले ’भारती’ (भवन की पत्रिका) में इस आलेख का हिन्दी रूपांतर प्रकाशित हुआ था, जिसे अपने पिताजी…

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माँ की गोद ही चैत्र की नवरात्रि है ..

एक ज्योति सौं जरैं प्रकासैं कोटि दिया लख बाती। जिनके हिया नेह बिनु सूखे तिनकी सुलगैं छाती। बुद्धि को सुअना मरमु न जानै कथै प्रीति की मैना। दिपै दूधिया ज्योति प्रकासैं घर देहरी अँगन। नवेली बारि धरैं दियना॥ —(आत्म प्रकाश…

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मुक्तिबोध की हर कविता एक आईना है ..

आज ’मुक्तिबोध’ का जन्मदिवस है, एक अप्रतिम सर्जक का जन्मदिवस । याद करने की बहुत-सी जरूरतें हैं इस कवि को । मुक्तिबोध प्रश्नों की धुंध में छिपे उत्तरों की तलाश करते हैं-चोट पर चोट खाकर, आघात पर आघात सहकर ।…

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के० शिवराम कारंत : ’मूकज्जी’ का मुखर सर्जक

           ’के० शिवराम कारंत’ – भारतीय भाषा साहित्य का एक उल्लेखनीय नाम, कन्नड़ साहित्य की समर्थ साहित्यिक विभूति, बहुआयामी रचना-कर्म के उदाहरण-पुरुष !  सर्जना में सत्य और सौन्दर्य के प्रबल जिज्ञासु कारंत जीवन को सम्पूर्णता और यथार्थता में निरखने की…

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समय और शब्द के कवि सीताकान्त महापात्र

यथार्थ और अनुभूति के विरल सम्मिश्रण से निर्मित कविता के कवि डॉ० सीताकांत महापात्र का जन्मदिवस है आज  । हिन्दी जगत में भली भाँति परिचित अन्य भाषाओं के कवियों में उड़िया के इस महत्वपूर्ण हस्ताक्षर का स्थान अप्रतिम है ।…

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मास्ति वेंकटेश अय्यंगार : Masti Venkatesh Iyengar

गहन मानवतावाद के पोषक और मानव मात्र में अटूट आस्था रखने वाले कन्नड़ के प्रख्यात साहित्यकार डॉ० मास्ति वेंकटेश अय्यंगार ने कन्नड़ कहानी को उल्लेखनीय प्रतिष्ठा दी । सृजनात्मकता की असीम संभावनाओं से लबरेज ’मास्ति’ (मास्ति का साहित्यिक नाम श्रीनिवास…

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पाँच पुरुषों की कामिनियाँ

द्रौपदी के पाँच पुरुषों की पत्नी होने पर बहुत पहले से विचार–विमर्श होता रहा है । अनेक प्रकार के रीति–रिवाजों और प्रथाओं का सन्दर्भ लेकर इसकी व्याख्या की जाती रही है । अपने अध्ययन क्रम में मुझे अचानक ही श्री…

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’लू शुन’(Lu Xun) ने कहा

“यदि आप एक ही विषय पर काम करते रहें तो अवश्य ही उसके चरम तक जा पहुँचेंगे । इसकी चिंता न करते हुए यदि आप निरंतर उसी विषय से सम्बन्धित नयी–नयी चीजों पर प्रकाश डालते रहें तो लोग समझेंगे कि…

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सूरज की मृत्यु :एन०वी० कृष्ण वारियर

आज एन०वी० कृष्ण वारियर का जन्मदिवस है। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित एन०वी० कृष्ण वारियर मलयालम साहित्य के बहुप्रतिष्ठित और समादृत कवि-साहित्यकार हैं। हिन्दी में छपे एक साक्षात्कार से इस कवि को पहले पहल जाना, और उसमें छपी इनकी कविताओं…