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Poetic Adaptation

Literary Classics, Poetic Adaptation, Ramyantar, Translated Works

मुझे प्रेम करने दो केवल मुझे प्रेम करने दो ..

जॉन डन (John Donne) की कविता ’द कैनोनाइजेशन’ (The Canonization) का भावानुवाद परमेश्वर के लिये मौन अपनी रसना रहने दो मुझे प्रेम करने दो केवल मुझे प्रेम करने दो । लकवा गठिया-सी मेरी गति को चाहे धिक्कारो या मेरा खल्वाट…

Poetic Adaptation, Ramyantar, Translated Works, सौन्दर्य-लहरी

सौन्दर्य लहरी (छन्द संख्या 4-6)

सौन्दर्य लहरी का हिन्दी भाव रूपांतर त्वदन्यः पाणिभ्यामभयवरदो दैवतगणःत्वमेका नैवासि प्रकटित वराभीत्यभिनया,भयात् त्रातुं दातुं फलमपि च वांछासमधिकंशरण्ये लोकानां तव हि चरणावेव निपुणौ ॥4॥ प्रकट नहीं करती हो देवी, दिया हुआ वरदान अभयअन्य देवता पर हाथों से देने का करते अभिनय…

Poetic Adaptation, Ramyantar, Translated Works, सौन्दर्य-लहरी

सौन्दर्य लहरी

सौन्दर्य लहरी संस्कृत के स्तोत्र-साहित्य का गौरव-ग्रंथ व अनुपम काव्योपलब्धि है। आचार्य शंकर की चमत्कृत करने वाली मेधा का दूसरा आयाम है यह काव्य। निर्गुण, निराकार अद्वैत ब्रह्म की आराधना करने वाले आचार्य ने शिव और शक्ति की सगुण रागात्मक लीला…

Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

जो प्रश्न हैं अस्तित्वगत…

जो प्रश्न हैं अस्तित्वगत तूं खींच चिन्तन बीच मत बस जी उसे उस बीच चल उससे स्वयं को दे बदल। यदि प्रेम को है जानना तो खाक उसकी छानना उस प्रेम के भीतर उतर निज पूर्ण कायाकल्प कर। जो प्रश्न…

Love Poems, Poetic Adaptation, Ramyantar

इस छलना में पड़ी रहूँ

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: छ: इस छलना में पड़ी रहूँ यदि तेरा कहना एक छलावा। तेरे शब्द मूर्त हों नाचें मैं उस थिरकन में खो जाऊँ तेरी कविता की थपकी से मेरे प्रियतम मैं सो जाऊँ अधर हिलें मैं…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

नहीं, प्रेम है कार्य नहीं

प्रेमिका ने कहा था-“प्यार करते हो मुझसे?” प्रेमी ने कहा-“प्यार करने की वस्तु नहीं। मैं प्यार ’करता’ नहीं, ’प्यार-पूरा’ बन गया हूं। यहां इसी संवाद का विस्तार है- Hibiscus (Photo credit: soul-nectar) कहने वाला कह जाता है सुनने वाला सुन…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

अपने प्रेम-सरित को मेरे हृदय जगत पर बह जाने दो

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: पाँच Capture of Love Letters अब तक जो मैं हठ करती थी, हर इन्सान अकेला होता मुझे पता क्या था जीवन यह अपनों का ही मेला होता। यही सोचती थी हर क्षण केवल मनुष्य अपने…

Love Poems, Poetic Adaptation, Ramyantar, Songs and Ghazals

तुम ही पास नहीं हो तो..

Jyoti (Photo credit: soul-nectar) तुम ही पास नहीं हो तो इस जीवन का होना क्या है? मेरे मन ने खूब सजाये दीप तुम्हारी प्रेम-ज्योति के हुआ प्रकाशित कण-कण अन्तर गूंजे गान स्नेह प्रीति के पर जो यथार्थ थे, स्वप्न हुए,…

Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

जहाँ रुका है मन आँखें भी रुक रह जातीं

आँखें अपरिसीम हैं, संसृति का आधार है बिना दृष्टि का सृष्टि निवासी निराधार। ऑंखें बोती हैं देह-भूमि पर प्रेम-बीज इन आंखों पर ही जाता है हर रसिक रीझ। मन का हर उद्दाम भाव आँखें कह जातीं जहाँ रुका है मन…

Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

मैं सपनों का फेरीवाला

मैं सपनों का फेरीवाला, मुझसे सपन खरीदोगे क्या ? यह सपने जो चला बेचने, सब तेरे ही दिए हुए हैं, इन सपनों के चित्र तुम्हारी यादों से ही रंगे हुए हैं; मैं प्रिय-सुख ही चुनने वाला,मुझसे चयन खरीदोगे क्या? कहाँ…