Monthly Archives

February 2013

Ramyantar, नाटक

नल-दमयंती-2

पहली कड़ी से आगे… तृतीय दृश्य   (रनिवास का दृश्य। नल चकित होकर रनिवास देखता है। दमयंती का प्रवेश।) दमयंती: हे वीराग्रणी! आप देखने में परम मनोहर और निर्दोष जान पड़ते हैं। पहले अपना परिचय तो बतायें! आप यहाँ किस उद्देश्य…

Ramyantar, नाटक

नल-दमयंती

अरविन्द जी ने शिल्पा मेहता जी के एक विशिष्ट आग्रह को पूर्ण करते हुए कुछ दिनों पूर्व नल-दमयंती आख्यान सरलतः अपने ब्लॉग पर प्रकाशित किया। नल और दमयंती की प्रणय-परिणय कथा मुझे भी आकर्षित किए हुए थी, और इसे नाट्य-रुप…