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Love Poems

Love Poems, Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals, Verse

ओ प्रतिमा अनजानी

ओ प्रतिमा अनजानी, दिल की सतत कहानी कहता हूँ निज बात सुहानी, सुन लो ना। डूबा रहता था केवल जीवन की बोध कथाओं में अब खोया हूँ मैं रूप-सरस की अनगिन विरह-व्यथाओं में सत्य अकल्पित-मधुरित-सुरभित, अन्तरतम में हर पल गुंजित…

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वह आँसू कह जाते हैं

Source: http://antoniogfernandez.com मेरा प्रेम कुछ बोलना चाहता है । कुछ शब्द भी उठे थे, जिनसे अपने प्रेम की सारी बातें तुमसे कह देने को मन व्याकुल था , पर जबान लड़खडा गयी। अन्दर से आवाज आयी “कोई बाँध सका है…

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इस छलना में पड़ी रहूँ

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: छ: इस छलना में पड़ी रहूँ यदि तेरा कहना एक छलावा। तेरे शब्द मूर्त हों नाचें मैं उस थिरकन में खो जाऊँ तेरी कविता की थपकी से मेरे प्रियतम मैं सो जाऊँ अधर हिलें मैं…

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नहीं, प्रेम है कार्य नहीं

प्रेमिका ने कहा था-“प्यार करते हो मुझसे?” प्रेमी ने कहा-“प्यार करने की वस्तु नहीं। मैं प्यार ’करता’ नहीं, ’प्यार-पूरा’ बन गया हूं। यहां इसी संवाद का विस्तार है- Hibiscus (Photo credit: soul-nectar) कहने वाला कह जाता है सुनने वाला सुन…

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अपने प्रेम-सरित को मेरे हृदय जगत पर बह जाने दो

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: पाँच Capture of Love Letters अब तक जो मैं हठ करती थी, हर इन्सान अकेला होता मुझे पता क्या था जीवन यह अपनों का ही मेला होता। यही सोचती थी हर क्षण केवल मनुष्य अपने…

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तुम्हारी प्रेम-पाती के लिए

Photo: Flickr (Credit: JFXie) तुम्हारे लिखने में बड़ा हौसला है। मेरे जीवन के गीत भी तुम्हीं ने लिखे प्रणय के स्वप्न तुमने ही अंकित कर दिए और हृदय के उन तारों को, जो वर्षों से सोये पड़े थे, तुमने ही…

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सर्वत्र तुम

Photo: Devian Art(Gigicerisier) मैंने चंद्र को देखा उसकी समस्त किरणों में तुम ही दिखाई पड़े मैंने नदी को देखा उसकी धारा में तुम्हारी ही छवि प्रवाहित हो रही थी मैंने फूल देखा फूल की हर पंखुड़ी पर तुम्हारा ही चेहरा…

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क्यों न मेरा यह हृदय मूक-सा रहने दिया

क्यों न मेरा यह हृदय मूक-सा रहने दिया? क्या करुँ उस अग्नि का निशि-दिन जले जो इस हृदय में क्या करुँ उस व्यग्रता का जा छिपी जो उर-निलय में क्यों असीमित यह प्रणय बहु-रूप सा रहने दिया? तारकों की तूलिका…

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तुम ही पास नहीं हो तो..

Jyoti (Photo credit: soul-nectar) तुम ही पास नहीं हो तो इस जीवन का होना क्या है? मेरे मन ने खूब सजाये दीप तुम्हारी प्रेम-ज्योति के हुआ प्रकाशित कण-कण अन्तर गूंजे गान स्नेह प्रीति के पर जो यथार्थ थे, स्वप्न हुए,…

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मैं हुआ स्वप्न का दास

Water dream (Photo credit: @Doug88888) मैं हुआ स्वप्न का दास मुझे सपने दिखला दो प्यारे। बस सपनों की है आस मुझे सपने दिखला दो प्यारे॥ तुमसे मिलन स्वप्न ही था, था स्वप्न तुम्हारा आलिंगन जब हृदय कंपा था देख तुम्हें,…