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Poetry

Love Letter, Poetry, Ramyantar, Verse Free

पढ़ा तुम्हारा गीत-पत्र

एक खामोशी-सी दिखी एक इंतिजार भी दिखा अनसुलझी आंखों में बेकली का सिमटा ज्वार भी दिखा, आशाओं के दीप भी जले विश्वास के सतरंगी स्वप्न भी खिले लगा जैसे हर सांस वीणा के सुर में सुर मिलाकर गुनगुना रही हो,…

Poetry, Ramyantar, Verse Free

कितना सिखाओगे मुझे?

चेहरे पर मौन सजा लेते हो क्योंकि बताना चाहते हो मुझे मौन का मर्म, हर पल प्रेम और स्नेह से सहलाते हो मुझे शायद बताना चाहते हो एक स्नेही,एक प्रेमी का कर्म आकंठ डूब जाते हो हास्य में मेरे जैसे…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

नहीं, प्रेम है कार्य नहीं

प्रेमिका ने कहा था-“प्यार करते हो मुझसे?” प्रेमी ने कहा-“प्यार करने की वस्तु नहीं। मैं प्यार ’करता’ नहीं, ’प्यार-पूरा’ बन गया हूं। यहां इसी संवाद का विस्तार है- Hibiscus (Photo credit: soul-nectar) कहने वाला कह जाता है सुनने वाला सुन…

Love Letter, Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

अपने प्रेम-सरित को मेरे हृदय जगत पर बह जाने दो

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: पाँच Capture of Love Letters अब तक जो मैं हठ करती थी, हर इन्सान अकेला होता मुझे पता क्या था जीवन यह अपनों का ही मेला होता। यही सोचती थी हर क्षण केवल मनुष्य अपने…

Poetry, Ramyantar, Verse

कविता लम्बी है, पर क्या करुँ कहानी है: दो

नीचे की कविता, कविता नहीं, कहानी है। नीतू दीदी की कहानी कह रहा हूँ मैं। मेरे कस्बे के इकलौते राष्ट्रीयकृत बैंक में कैशियर होकर आयी थीं और पास के ही घर में किराए पर रहने लगीं थीं। सहज आत्मीयता का…

Poetry, Ramyantar, Verse

कविता लम्बी है, पर क्या करुँ कहानी है: एक

नीचे की कविता, कविता नहीं, कहानी है। नीतू दीदी की कहानी कह रहा हूँ मैं। मेरे कस्बे के इकलौते राष्ट्रीयकृत बैंक में कैशियर होकर आयी थीं और पास के ही घर में किराए पर रहने लगीं थीं। सहज आत्मीयता का…

Love Poems, Poetry, Ramyantar, Verse Free

तुम्हारी प्रेम-पाती के लिए

Photo: Flickr (Credit: JFXie) तुम्हारे लिखने में बड़ा हौसला है। मेरे जीवन के गीत भी तुम्हीं ने लिखे प्रणय के स्वप्न तुमने ही अंकित कर दिए और हृदय के उन तारों को, जो वर्षों से सोये पड़े थे, तुमने ही…

Love Poems, Poetry, Ramyantar, Verse Free

सर्वत्र तुम

Photo: Devian Art(Gigicerisier) मैंने चंद्र को देखा उसकी समस्त किरणों में तुम ही दिखाई पड़े मैंने नदी को देखा उसकी धारा में तुम्हारी ही छवि प्रवाहित हो रही थी मैंने फूल देखा फूल की हर पंखुड़ी पर तुम्हारा ही चेहरा…

Poetry, Ramyantar, Verse Free

तुम हँस पड़ते हो…

मैं अकेला खड़ा हूँ और तुम्हारे आँसुओं की धाराएँ घेर रही हैं मुझे , कुछ ही क्षणों में यह पास आ गयी हैं एकदम , शून्य हो गया है मेरा अस्तित्व बचने की कोई आशा ही नहीं रही, मैं हो…

Devotional, Poetry, Ramyantar, Verse Free

तुम्हारे सामने ही तो अभिव्यक्त हूँ

 (Photo credit: soul-nectar) कुछ अभीप्सित है तुम्हारे सामने आ खड़ा हूँ याचना के शब्द नहीं हैं ना ही कोई सार्थक तत्त्व है कुछ कहने के लिए तुमसे। यहाँ तो कतार है याचकों, आकांक्षियों की, सब समग्रता से अपनी कहनी कहे…