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Capsule Poetry, Poetry, Ramyantar, Verse Free

छोटी सी कविता

विश्वास के घर में अमरुद का एक पेंड़ था एक दिन उस पेंड़ की ऊँची फ़ुनगी पर एक उल्लू बैठा दिखा, माँ ने कहा- ‘उल्लू’ पिता ने कहा- ‘अशुभ, अपशकुन’, फ़िर पेंड़ कट गया। अब, उल्लू तीसरी मंजिल की मुंडेर…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals, Verse

अब तो चले जाना है

Marigold (Photo credit: soul-nectar) कहता है विरहित मन, कर ले तू कोटि जतन रुकना अब हाय नहीं, अब तो चले जाना है । छूटेंगे अखिल सरस, सुख के दिन यों पावस हास कहीं रूठेगा, बोलेगा बस-बस-बस दिन में अन्धेरा अब…

Poetry, Ramyantar, Verse Free

बस में बैठी एक युवती

Woman (Source: in.com) देखा मैंने, चल रही थी ‘बस’। विचार उद्विग्न हो आये विस्तार के लिये संघर्ष कर रहे संकीर्ण जल की भाँति। आगे की दो सीटें सुरक्षित- प्रतिनिधित्व का दिलाने को विश्वास और दशा उस प्रतिनिधि की- अवगुंठित, संकुचित…

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मेरी समझ नहीं कि ये कमाल कर सकूँ

हर शख्स अपने साथ मैं खुशहाल कर सकूँ मेरी समझ नहीं कि ये कमाल कर सकूँ। फैली हैं अब समाज में अनगिन बुराइयाँ है लालसा कि बद को मैं बेहाल कर सकूँ। फेकूँ निकाल हिय के अन्धकार द्वेष को कटुता…

Poetry, Ramyantar, Verse Free

कैसे देख पाता?

BEHIND WHICH DOOR, (Photo credit: marc falardeau) गुजरता था मैं जब भी दरवाजे से खुला रहता था वह, खड़ा रहता था कोई मेरी प्रतीक्षा में, दरवाजे के भीतर से एक मुस्कराहट चीरती भीड़ को चली आती थी मेरे पास, मैं…

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ओ प्रतिमा अनजानी

ओ प्रतिमा अनजानी, दिल की सतत कहानी कहता हूँ निज बात सुहानी, सुन लो ना। डूबा रहता था केवल जीवन की बोध कथाओं में अब खोया हूँ मैं रूप-सरस की अनगिन विरह-व्यथाओं में सत्य अकल्पित-मधुरित-सुरभित, अन्तरतम में हर पल गुंजित…

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आपका हँसना

आपके हँसने में छन्द है सुर है राग है, आपका हँसना एक गीत है। आपके हँसने में प्रवाह है विस्तार है शीतलता है, आपका हँसना एक सरिता है। आपके हँसने में शन्ति है श्रद्धा है समर्पण है, आपका हँसना एक…

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वह आँसू कह जाते हैं

Source: http://antoniogfernandez.com मेरा प्रेम कुछ बोलना चाहता है । कुछ शब्द भी उठे थे, जिनसे अपने प्रेम की सारी बातें तुमसे कह देने को मन व्याकुल था , पर जबान लड़खडा गयी। अन्दर से आवाज आयी “कोई बाँध सका है…

Poetry, Ramyantar, Verse Free

उसकी याद ही अच्छी

Photo: From Facebook-wall of Pawan Kumar खो ही जाऊं अगर कहीं किसी की याद में तो बुरा क्या है? व्यर्थ ही भटकूंगा- राह में व्यर्थ ही खोजूंगा- अर्थ को व्यर्थ ही रोऊंगा- निराशा के लिये, न पाऊंगा प्रेम, दुलार और…

Poetry, Ramyantar, Verse Free

बात, यदि अधूरी है

बात, यदि अधूरी है तो उसका अर्थ नहीं, यदि संभावनायें हैं तो उसे पूर्ण कर लेना व्यर्थ नहीं। कहा था किसी ने स्वीकार है मुझे भी- “कविता करो न करो कवि बन जाओ” और अपनी इस सहज मनोदशा में उस…