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Love Letter

Ramyantar

अपने प्रेम-पत्र में यही तो लिखा मैंने….

“जीवन के रोयें रोयें कोमिलन के राग से कम्पित होने दो,विरह के अतिशय ज्वार कोठहरा दो कहीं अपने होठों पर,दिव्य प्रेम की अक्षुण्णता कोसमो लो अपने हृदय में, औरअपने इस उद्दाम यौवन की देहरी परप्रतीक्षा का पंछी उतरने दो;फिर देखो-मैं…

Poetry, Ramyantar

पढ़ा तुम्हारा गीत-पत्र

एक खामोशी-सी दिखी एक इंतिजार भी दिखा अनसुलझी आंखों में बेकली का सिमटा ज्वार भी दिखा, आशाओं के दीप भी जले विश्वास के सतरंगी स्वप्न भी खिले लगा जैसे हर सांस वीणा के सुर में सुर मिलाकर गुनगुना रही हो,…

Love Poems, Poetic Adaptation, Ramyantar

इस छलना में पड़ी रहूँ

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: छ: इस छलना में पड़ी रहूँ यदि तेरा कहना एक छलावा। तेरे शब्द मूर्त हों नाचें मैं उस थिरकन में खो जाऊँ तेरी कविता की थपकी से मेरे प्रियतम मैं सो जाऊँ अधर हिलें मैं…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

अपने प्रेम-सरित को मेरे हृदय जगत पर बह जाने दो

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: पाँच Capture of Love Letters अब तक जो मैं हठ करती थी, हर इन्सान अकेला होता मुझे पता क्या था जीवन यह अपनों का ही मेला होता। यही सोचती थी हर क्षण केवल मनुष्य अपने…

Love Poems, Poetic Adaptation, Ramyantar

तेरी याद आ गयी होगी

प्रेम पत्रों का प्रेम पूर्ण काव्यानुवाद: चार A Close Shot of Handwritten Love-Letters आँखों से आँसू बह आया, तेरी याद आ गयी होगी। घबराना मत यह आँसू ही कल मोती बन कर आयेंगे विरह ताप में यह आँसू ही मन…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

तुम शायद झुंझला जाते हो!

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: तीन A close capture of hand written love letters. तुम शायद झुंझला जाते हो! कर ही क्या सकती हूँ छोड़ इसे हे प्राणाधिक बतलाओ ना जाने भी दो कृपा करो अब रोष मुझे दिखलाओ ना…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

प्रिय! तुमने लिखा आँख भर आयी

प्रेम पत्रों का प्रेम पूर्ण काव्यानुवाद: दो प्रिय! तुमने लिखा आँख भर आयी, मैंने अपने दिन खोये और रात गंवाई । मेरी भाव भूमि के बदले सच, तुमने ही पहले पहले संचित भाव कोष दे दिया, ‘विंहसेगा मानस उर अन्तर’…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

अथ-इति दोनों एक हो गए

A Close Capture of Hand-written Love-Letters स्नातक कक्षा में पढ़ते हुए कई किस्म के प्रेम पत्र पढ़े। केवल अपने ही नहीं, दूसरों के भी। अपनी इच्छा से नहीं, दूसरों की इच्छा से। उनमें से कुछ ऐसे थे जिन्होंने बहुत भीतर…