कहाँ भूल गया जीवन का राग, मेरे साथी सलोने । क्यों रूठ गया अपना यह भाग, मेरे…
Poems of Himanshu
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हिमांशु पाण्डेय द्वारा स्वरचित कविताएं इस श्रेणी में वर्गीकृत हैं। यह कविताएं छंदबद्ध, गीतात्मक भी हैं एवं छंदमुक्त भी हैं।
दर्द सहता रहा उसे, सहता है अब तलक। दर्द ने अपनी हस्ती भर उसे चाहा उसकी शिराओं,…
मैं सपनों का फेरीवाला, मुझसे सपन खरीदोगे क्या? यह सपने जो चला बेचने, सब तेरे ही दिए…
एक कागज़ तुम्हारे दस्तख़त का मैंने चुरा लिया था, मैंने देखा कि उस दस्तख़त में तुम्हारा पूरा…
प्रेम पत्रों का प्रेम पूर्ण काव्यानुवाद: चार A Close Shot of Handwritten Love-Letters आँखों से आँसू बह…
बोलो कैसे रह जाते हो तुम बिन बोले जब कोई स्नेही द्वार तुम्हारे आकर तेरा हृदय टटोले।…
