आओ चलो, दीप रखते हैं (कविता)
आओ चलो, दीप रखते हैं कविता जीवन के हर उस कोने…
Arattai – संदेश और संवाद माध्यमों का स्वदेशी संस्करण
आत्मनिर्भर भारत के गुंजित स्वर में प्रधानमंत्री के स्वदेशी अपनाने के…
आशीष त्रिपाठी का काव्य संग्रह शान्ति पर्व
शान्ति पर्व पढ़ गया। किसी पुस्तक को पढ़ कर चुपचाप मन…
नवागत प्रविष्टियाँ
अविरल गति: वीना की कविता
एक नदी अविरल गति से बहती जा रही थी इठलाती हुई, बलखाती हुई कुछ कहती जा रही थीसबको मोह रही…
सावित्री: यम-सावित्री संवाद
यम-सावित्री संवाद: पंचम दृश्य (जंगल का दृश्य। सत्यवान के हाथ में कुल्हाड़ी, कन्धे पर गमछा, सावित्री के हाथ में टोकरी…
सावित्री: सत्यवान का वन-गमन
सत्यवान का वन-गमन (महाराजा द्युमत्सेन की पवित्र स्थलीय आश्रम जैसी व्यवस्था। सावित्री पति के साथ सुख पूर्वक निवास करती है।…
सावित्री: विवाह निश्चय
सावित्री: विवाह निश्चय: तृतीय दृश्य (महाराजा अश्वपति का राजदरबार। बन्दी विरद गान कर रहे हैं। आमोद-प्रमोद का हृदय हारी दृश्य।…
सुरसरि तीरवाँ खड़े हैं दुनो भईया रामा: केवट प्रसंग
केवट प्रसंग रामायण के अत्यन्त सुन्दर प्रसंगों में से एक है, खूब लुभाता है मुझे। करुण प्रसंगों के अतिरेक में…
सावित्री: सत्यवान
सावित्री व सत्यवान का प्रथम मिलन सावित्री: गुरुदेव! यहीं सरिता तट पर रुक जायें। यहाँ जो जहाँ है सत्य को…

