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December 2009

Ramyantar, नाटक, बुद्ध

करुणावतार बुद्ध : पाँच

करुणावतार बुद्ध- १, २, ३, 4 के बाद प्रस्तुत है पाँचवीं कड़ी- (चतुर्थ दृश्य ) (सिद्धार्थ तीव्र गति से चले जा रहे हैं  गहन रात्रि है। सहसा आकाश में बादल उमड़ आते हैं, और रिमझिम बूँदाबादी होने लगती है। वे…

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प्राणों के रस से सींचा पात्र : बाउ (समापन किस्त)

एक आलसी का चिट्ठा– गिरिजेश भईया का चिट्ठा, स्वनाम कृतघ्न आलसी का चिट्ठा। यहाँ पहुँचते ही होंगे अवाक! टिप्पणी को विचारेंगे, होंगे किंकर्तव्यविमूढ़। अगिया बैताली और स्थितप्रज्ञ- दोनों एक साथ। बिलकुल बाउ की तरह। बाउ, माने भईया का बनाया एक…

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प्राणों के रस से सींचा पात्र :बाउ (गिरिजेश भईया की लंठ महाचर्चा)

एक आलसी का चिट्ठा– गिरिजेश भईया का चिट्ठा, स्वनाम कृतघ्न आलसी का चिट्ठा। यहाँ पहुँचते ही होंगे अवाक! टिप्पणी को विचारेंगे, होंगे किंकर्तव्यविमूढ़। अगिया बैताली और स्थितप्रज्ञ- दोनों एक साथ। बिलकुल बाउ की तरह। बाउ, माने भईया का बनाया एक…