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नवागत प्रविष्टियाँ

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बतावत आपन नाम सुदामा: दो

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

पिछली प्रविष्टि बतावत आपन नाम सुदामा: एक से आगे। इस प्रविष्टि में द्वारिकापुरी में सुदामा की उपस्थिति एवं सखा कृष्ण…

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सरस भजन: कब सुधिया लेइहैं मन के मीत

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

कब सुधिया लेइहैं मन के मीत: प्रेम नारायण पंकिल कब सुधिया लेइहैं मन के मीत, साँवरिया काँधा। कहिया अब बजइहैं…

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बतावत आपन नाम सुदामा: एक

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

दृश्य प्रथम: सुदामा की कुटिया (सुदामा की जीर्ण-शीर्ण कुटिया। सर्वत्र दरिद्रता का अखण्ड साम्राज्य। भग्न शयन शैय्या। बिखरे भाण्ड, मलिन…

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सौन्दर्य लहरी (छन्द संख्या 56-60)

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

सौन्दर्य लहरी का हिन्दी काव्य रूपांतर दृशा द्राघीयस्या दरदलितनीलोत्पलरुचादवीयांसं दीनं स्नपय कृपया मामपि शिवेअनेनायं धन्यो भवति न च ते  हानिरियतावने…

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सौन्दर्य लहरी (छन्द संख्या 51-55)

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

सौन्दर्य लहरी का हिन्दी काव्यानुवाद   गते कर्णाभ्यर्णं गरुत एव पक्ष्माणि दधतीपुरां भेत्तुश्चित्तप्रशमरसविद्रावणफले इमे नेत्रे गोत्राधरपतिकुलोत्तंस कलिकेतवाकर्णाकृष्ट स्मरशरविलासं कलयतः ॥५१॥जो कर्णान्तदीर्घ…

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होली उत्सव: होली में कुछ मेरी भी सुन!

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

होली में कुछ मेरी भी सुनमन, मत अपने में ही जल भुन। जब शोभित नर्तित त्वरित सरित पर वासंती चन्द्रिका…