rabindranath-tagore
R.N.Tagore

Geetanjali: R.N.Tagore

I ask for a moment’s indulgence to

sit by thy side . The works that
I have in hand I will finish afterewards.
Away from the sight if thy face
my heart knows no rest nor respite,
and my work becomes an endless
toil in a shoreless sea of toil.
Today the summer has come at my
window with its sighs and murmurs;
and bees are playing minstrelsy
at the court of the flowering grove.
Now it is time to sit quite, face to face
with the, and to sing dedication of
life in this silent and overflowing leisure.

Hindi Translation: Pankil

अनुमति दे दो प्रियतम तेरे पास बैठ जाऊँ कुछ क्षण
शेष हस्तगत कर्मों का पीछे कर लेंगें सम्पादन

वृथा अछोर कर्म सागर में श्रम करतेकरते हारा
स्वेदसिक्त नित श्रमित सुखी हो सका नहीं मन बेचारा
शान्ति तृप्ति है कहां नाथ बिन किये तुम्हारा मुखदर्शन
अनुमति दे दो प्रियतम तेरे पास बैठ जाऊँ कुछ क्षण

ऊष्णोच्छ्वास मुखर ग्रीष्मातप झांक गया है वातायन
इठलाती पुष्पिता लता पर मधुमाखी करती गायन
कैसे छोड़ूं इस क्षण तेरा प्रिय मनसायन सिंहासन
अनुमति दे दो प्रियतम तेरे पास बैठ जाऊँ कुछ क्षण

यह अवकाशमयी क्षणिका है शांति प्रीति रस उच्छलिता

बैठ समीप बहा दूं प्रियतम गीत समर्पण की सरिता
हो समीप स्थित नाथ निहारूं निर्निमेष तेरा आनन
अनुमति दे दो प्रियतम तेरे पास बैठ जाऊँ कुछ क्षण