Ramyantar, भोजपुरी, लोक साहित्य

हम तोंहसे कुल बतिया कहली…

समय को रोका नहीं जा सकता। जो है उसका आनन्द से उपयोग करो। बादल को बाँध कर खेती नहीं होती। किस अनुकूल की प्रतीक्षा कर रहे हो। जो मिला वह खूब मिला है। अब नहीं तो कब? इसलिए किसी भी…

Ramyantar, नाटक

राजा हरिश्चन्द्र-7

पिछली प्रविष्टियों राजा हरिश्चन्द्र- एक, दो, तीन, चार और पाँच और छः से आगे….. इस ब्लॉग पर करुणावतार बुद्ध नामक नाट्य-प्रविष्टियाँ मेरे प्रिय और प्रेरक चरित्रों के जीवन-कर्म आदि को आधार बनाकर लघु-नाटिकाएँ प्रस्तुत करने का प्रारंभिक प्रयास थीं ।…

Ramyantar, नाटक

राजा हरिश्चन्द्र-6

पिछली प्रविष्टियों राजा हरिश्चन्द्र- एक, दो, तीन, चार और पाँच से आगे….. इस ब्लॉग पर करुणावतार बुद्ध नामक नाट्य-प्रविष्टियाँ मेरे प्रिय और प्रेरक चरित्रों के जीवन-कर्म आदि को आधार बनाकर लघु-नाटिकाएँ प्रस्तुत करने का प्रारंभिक प्रयास थीं । यद्यपि अभी…

Ramyantar

तुम को क्या हो गया…

तुम को क्या हो गया आज तुम इतने व्याकुल हो मेरे मन व्यक्त कर सकेगी क्या वाणी उर के गहन सिन्धु का मंथन ॥ सरिजल के तरंग की गाथा पूछ पूछ हारा तट तरु से दिनमणि-किरण-दग्ध सिकता की व्यथा जाननी…

Ramyantar, नाटक

राजा हरिश्चन्द्र-5

पिछली प्रविष्टियों राजा हरिश्चन्द्र- एक, दो, तीन और चार से आगे….. इस ब्लॉग पर करुणावतार बुद्ध नामक नाट्य-प्रविष्टियाँ मेरे प्रिय और प्रेरक चरित्रों के जीवन-कर्म आदि को आधार बनाकर लघु-नाटिकाएँ प्रस्तुत करने का प्रारंभिक प्रयास थीं । यद्यपि अभी भी…

Ramyantar, भोजपुरी, लोक साहित्य

टपकि जइहैं हो हमरे आँखी कै लोरवा

टपकि जइहैं हो हमरे आँखी कै लोरवा । जेहि दिन अँगना के तुलसी सुखइहैं  सजनि कै हथवा न मथवा दबइहैं  कवनो सुहागिन कै फुटिहैं सिन्होरवा– टपकि जइहैं हो हमरे आँखी कै लोरवा ॥१॥ जहिया बिछुड़ि जइहैं मितवन के टोली  सुनबै…

Ramyantar, नाटक

राजा हरिश्चन्द्र-4

इस ब्लॉग पर करुणावतार बुद्ध नामक नाट्य-प्रविष्टियाँ मेरे प्रिय और प्रेरक चरित्रों के जीवन-कर्म आदि को आधार बनाकर लघु-नाटिकाएँ प्रस्तुत करने का प्रारंभिक प्रयास थीं । यद्यपि अभी भी अवसर बना तो बुद्ध के जीवन की अन्यान्य घटनाओं को समेटते…

Ramyantar, नाटक

राजा हरिश्चन्द्र-3

इस ब्लॉग पर करुणावतार बुद्ध नामक नाट्य-प्रविष्टियाँ मेरे प्रिय और प्रेरक चरित्रों के जीवन-कर्म आदि को आधार बनाकर लघु-नाटिकाएँ प्रस्तुत करने का प्रारंभिक प्रयास थीं । यद्यपि अभी भी अवसर बना तो बुद्ध के जीवन की अन्यान्य घटनाओं को समेटते…

Ramyantar, नाटक

राजा हरिश्चन्द्र-2

इस ब्लॉग पर करुणावतार बुद्ध नामक नाट्य-प्रविष्टियाँ मेरे प्रिय और प्रेरक चरित्रों के जीवन-कर्म आदि को आधार बनाकर लघु-नाटिकाएँ प्रस्तुत करने का प्रारंभिक प्रयास थीं । यद्यपि अभी भी अवसर बना तो बुद्ध के जीवन की अन्यान्य घटनाओं को समेटते…

Ramyantar, नाटक

राजा हरिश्चन्द्र-1

इस ब्लॉग पर करुणावतार बुद्ध नामक नाट्य-प्रविष्टियाँ मेरे प्रिय और प्रेरक चरित्रों के जीवन-कर्म आदि को आधार बनाकर लघु-नाटिकाएँ प्रस्तुत करने का प्रारंभिक प्रयास थीं । यद्यपि अभी भी अवसर बना तो बुद्ध के जीवन की अन्यान्य घटनाओं को समेटते…