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Ramyantar

Poetic Adaptation, Ramyantar, Translated Works, सौन्दर्य-लहरी

सौन्दर्य लहरी (छन्द संख्या 7-11)

Saundarya Lahari 7-11

सौन्दर्य लहरी का हिन्दी भाव रूपांतर क्वणत्कांची दामा करिकलभकुम्भस्तननता ।परिक्षीणा मध्ये परिणतशरच्चन्द्रवदना ॥धनुर्वाणान्पाशं सृणिमाप दधाना करतलैः ।पुरस्तादास्तां नः पुरमथितुराहोपुरुषिका ॥७॥ पुरविनाशन शंभु की पुरुषत्वप्रबोधिनीअति कृशा कटि प्रांत पर कल किंकिणी धारेबालगज के कुम्भ से उन्नत उरोजों का सम्हाले भारविनता मध्यभागाशरच्चन्द्रमुखासुशोभित…

Ramyantar, भोजपुरी

अर्चना जी ने गाया : सखिया आवा उड़ि चलीं…

मेरी इस प्रविष्टि में मैंने और चारुहासिनी ने एक गीत ’सखिया आवा उडि़ चलीं..’ गाया था ! मेरे और चारुहासिनी द्वारा गाए युगल गीत को अर्चना जी ने अपनी आवाज दी है प्रस्तुत प्रविष्टि में ! गीत उन्हें अच्छा लगा,…

Ramyantar, भोजपुरी

भोजपुरी के तुलसीदास ’रामजियावन दास’ : कवि ’बावला’

रामजियावन दास ’बावला’ को पहली बार सुना था एक मंच पर गाते हुए ! ठेठ भोजपुरी में रचा-पगा ठेठ व्यक्तित्व ! सहजता तो जैसे निछावर हो गई थी इस सरल व्यक्तित्व पर ! ’बावला’ भोजपुरी गीतों के शुद्ध देशज रूप…

Ramyantar

ध्वनित नारीत्व : शलभ श्रीराम सिंह

मृत्यु ! शलभ श्रीराम सिंह जन्म : 05-01-1938 मृत्यु : 22-04-2000 जन्म स्थान : मसोदा, जलालपुर, फैजाबाद (अम्बेडकर नगर), उ०प्र० प्रकाशन : कल सुबह होने के पहले, अतिरिक्त पुरुष,त्रयी-२ में संकलित, राहे-हयात, निगाह-दर-निगाह, नागरिकनामा, अपराधी स्वयं, पृथ्वी का प्रेम गीत,…

Ramyantar

सेजिया से सइयाँ… (चैती ) और उस्तादों की जुगलबंदी में चैती-धुन

यूँ ही टहलते हुए नेट पर यहाँ पहुँच गया, शहनाई उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और सितार के धुरंधर विलायत खान की जुगलबंदी में चैती धुन सुन कर अघा गया । आपके सामने ले आया हूँ ! सुनिये, रस पगिये । अभी…

Ramyantar

कह दिया मैंने ..

मेरी अपनी एक ज़िद है रहने की, कहने की  और उस ज़िद का एक फलसफ़ा । यूँ तो दर्पण टूट ही जाता है पर आकृति तो नहीं टूटती न ! उसने मेज पर बैठी मक्खी को मार डाला कलम की…

Audio, Ramyantar

हाय दइया करीं का उपाय…

चारु और मैं इधर संवाद-स्वाद, फिर अवसाद के कुछ क्षणों से गुजरते हुए चारुहासिनी की मनुहार से बाबूजी के लिखे कई गीत यूँ ही गुनगुनाता रहा। अपनी सहेलियों को बाबूजी के लिखे गीतों को गा-गाकर सुनाना और फिर अपनी इस…

Literary Classics, Ramyantar

माँ भी कुछ नहीं जानती

“बतलाओ माँ, बालमणि अम्मा मलयालम कविता की शीर्ष कवयित्री । प्रख्यात भारतीय अंग्रेजी साहित्यकार ’कमला दास’ की माँ । जन्म : १९ जुलाई १९०९, मृत्यु : २९ सितम्बर २००४ ’सरस्वती सम्मान’ सहित अनेक सम्मान/पुरस्कारों से सम्मानित । कवितायें दार्शनिक विचारों…

Ramyantar

तब ’नारी’ हो जाउँगी..

मुक्ति पर इतना विवाद,  खुलेपन पर इतना हंगामा क्यों ?  युग बीते, पर क्या तुम्हारी लोभ से ललचायी आँखों से  पूर्व-राग का नशा नहीं उतरा ?  शाश्वत कुंठा या कायरता हो गयी न अभिव्यक्त ! संस्कार दुबक गया शिक्षा का,…

Ramyantar, नाटक, बुद्ध

करुणावतार बुद्ध : दस

करुणावतार बुद्ध- 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 के बाद प्रस्तुत है दसवीं कड़ी…… करुणावतार बुद्ध (अगम्य-गम्य गिरि प्रान्तरों, कंदर खोहों तथा घोर विपिन में घूमते फिरते सिद्धार्थ के साथ लगी विद्वत मण्डली ने साथ छोड़ दिया।…